Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.95.66: इसके बाद तपस्वी ऋषियों ने कुन्तीसहित पाण्डवों को वन से हस्तिनापुर में लाकर भीष्म तथा विदुरजी को सौंप दिया। समस्त प्रजा को सारा समाचार सुनाकर तपस्वी सबके देखते-देखते वहाँ से अन्तर्धान हो गए॥ 66॥ | mahabharat अध्याय 1.95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ततस्ते पाण्डवा: कुन्त्या सहिता हास्तिनपुरमानीय तापसैर्भीष्मस्य च विदुरस्य च निवेदिता:। सर्ववर्णानां च निवेद्यान्तर्हितास्तापसा बभूवु: प्रेक्ष्यमाणानां तेषाम्॥ ६६॥
अनुवाद
इसके बाद तपस्वी ऋषियों ने कुन्तीसहित पाण्डवों को वन से हस्तिनापुर में लाकर भीष्म तथा विदुरजी को सौंप दिया। समस्त प्रजा को सारा समाचार सुनाकर तपस्वी सबके देखते-देखते वहाँ से अन्तर्धान हो गए॥ 66॥
After this, the ascetic sages brought the Pandavas including Kunti from the forest to Hastinapur and handed them over to Bhishma and Vidurji. After informing the entire news to all the subjects, the ascetics disappeared from there in front of everyone.॥ 66॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥