श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.95.6 
वैशम्पायन उवाच
शृणु राजन् पुरा सम्यङ्मया द्वैपायनाच्छ्रुतम्।
प्रोच्यमानमिदं कृत्स्नं स्ववंशजननं शुभम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन बोले, "हे राजन! मैं आपसे वह सम्पूर्ण कथा कह रहा हूँ, जो मैंने पूर्वकाल में महर्षि कृष्णद्वैपायन के मुख से भली-भाँति सुनी थी। आप अपने वंश की उत्पत्ति की शुभ कथा सुनिए।"
 
Vaishampayana said, "O King! I am narrating to you the entire story which I had heard very well from the mouth of Maharshi Krishnadwaipayana in the past. Listen to the auspicious story of the origin of your dynasty.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)