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mahabharat 1.95.44: प्रतिश्रवा से प्रतीप का जन्म हुआ। उन्होंने शिबि देश की राजकुमारी सुनंदा से विवाह किया और उसके गर्भ से देवापि, शान्तनु और बाह्लीक नामक तीन पुत्र उत्पन्न हुए। 44॥   |   mahabharat अध्याय 1.95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 95: दक्ष प्रजापतिसे लेकर पूरुवंश, भरतवंश एवं पाण्डुवंशकी परम्पराका वर्णन  »  श्लोक 44
 
 
श्लोक  1.95.44 
प्रतिश्रवस: प्रतीप: खलु। शैब्यामुपयेमे सुनन्दां नाम। तस्यां पुत्रानुत्पादयामास देवापिं शान्तनुं बाह्लीकं चेति॥ ४४॥
 
 
अनुवाद
प्रतिश्रवा से प्रतीप का जन्म हुआ। उन्होंने शिबि देश की राजकुमारी सुनंदा से विवाह किया और उसके गर्भ से देवापि, शान्तनु और बाह्लीक नामक तीन पुत्र उत्पन्न हुए। 44॥
 
Pratipa was born from Pratishravas. He married Sunanda, the princess of Shibi country and gave birth to three sons from her womb – Devapi, Shantanu and Bahlika. 44॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)