श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 94: पूरुवंशका वर्णन  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  1.94.63 
भरतस्यान्वये जाता: सत्त्ववन्तो नराधिपा:।
देवर्षिकल्पा नृपते बहवो राजसत्तमा:॥ ६३॥
 
 
अनुवाद
राजन! भरतवंश के सभी राजा धैर्यवान और पराक्रमी थे। उस वंश में अनेक महान् अभिनेता देवर्षि के समान थे। 63॥
 
Rajan! All the kings in Bharat's dynasty were patient and powerful. Many great actors in that dynasty were like Devarshis. 63॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)