Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.94.45-46: तत्पश्चात् 'बहुत अच्छा' कहकर वशिष्ठजी ने भी भरतवंशियों को अपना लिया और सम्पूर्ण लोकों में श्रेष्ठ पुरुवंशी संवरण को समस्त क्षत्रियों का सम्राट् पद पर अभिषिक्त किया, ऐसा हमने सुना है। तत्पश्चात् महाराज संवरण उस महान नगरी में निवास करने लगे, जहाँ प्राचीन भरतवंशी राजा रहते थे। | mahabharat अध्याय 1.94: पूरुवंशका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् 'बहुत अच्छा' कहकर वशिष्ठजी ने भी भरतवंशियों को अपना लिया और सम्पूर्ण लोकों में श्रेष्ठ पुरुवंशी संवरण को समस्त क्षत्रियों का सम्राट् पद पर अभिषिक्त किया, ऐसा हमने सुना है। तत्पश्चात् महाराज संवरण उस महान नगरी में निवास करने लगे, जहाँ प्राचीन भरतवंशी राजा रहते थे।
Then, saying 'very good', Vashishthaji also adopted the Bharatavanshis and anointed Puruvanshi Samvarana, the best in the entire world, as the emperor of all the Kshatriyas, this is what we have heard. After that, Maharaj Samvaran started residing in that great city, where the ancient Bharatvanshi kings lived. 45-46॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥