Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.94.37-38: शत्रु सेनाएँ भरतवंशी योद्धाओं का विनाश करने लगीं। पृथ्वी को कंपाते हुए पांचालनारायण ने अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ संवरण पर आक्रमण किया और बड़े वेग से उसकी समस्त भूमि पर विजय प्राप्त की तथा अपनी दस अक्षौहिणी सेना के साथ संवरण को युद्ध में परास्त किया। | mahabharat अध्याय 1.94: पूरुवंशका वर्णन । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शत्रु सेनाएँ भरतवंशी योद्धाओं का विनाश करने लगीं। पृथ्वी को कंपाते हुए पांचालनारायण ने अपनी चतुरंगिणी सेना के साथ संवरण पर आक्रमण किया और बड़े वेग से उसकी समस्त भूमि पर विजय प्राप्त की तथा अपनी दस अक्षौहिणी सेना के साथ संवरण को युद्ध में परास्त किया।
The enemy armies started destroying the Bharata clan warriors. Shaking the earth, Panchalanarayana attacked Samvarana with his four-fold army and conquered all his lands with great speed and defeated Samvarana in the battle with his ten Akshauhini army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥