श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 94: पूरुवंशका वर्णन  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  1.94.2 
न ह्यस्मिन् शीलहीनो वा निर्वीर्यो वा नराधिप:।
प्रजाविरहितो वापि भूतपूर्व: कथंचन॥ २॥
 
 
अनुवाद
मेरा विश्वास है कि इस वंश में कभी भी ऐसा कोई राजा नहीं हुआ जो चरित्रहीन, बल और पराक्रम से रहित अथवा संतानहीन हो॥2॥
 
I believe that in this dynasty there has never been a king who was devoid of character, lacked strength and valour, or was childless.॥ 2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)