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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 94: पूरुवंशका वर्णन
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श्लोक 19
श्लोक
1.94.19
दुष्यन्ताद् भरतो जज्ञे विद्वाञ्छाकुन्तलो नृप:।
तस्माद् भरतवंशस्य विप्रतस्थे महद् यश:॥ १९॥
अनुवाद
दुष्यंत से शकुन्तला के पुत्र विद्वान राजा भरत उत्पन्न हुए, जिनसे भरतवंश की महान कीर्ति फैली ॥19॥
From Dushyant was born the learned king Bharat, who was the son of Shakuntala. The great fame of Bharatvansh spread through him. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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