vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 94: पूरुवंशका वर्णन
»
श्लोक 18
श्लोक
1.94.18
दुष्यन्तं शूरभीमौ च प्रवसुं वसुमेव च।
तेषां श्रेष्ठोऽभवद् राजा दुष्यन्तो जनमेजय॥ १८॥
अनुवाद
(उनके नाम हैं-) दुष्यंत, सुर, भीम, प्रवसु और वसु। जनमेजय! दुष्यंत उनमें सबसे बड़े होने के कारण राजा हुए॥18॥
(Their names are-) Dushyant, Sur, Bhim, Pravsu and Vasu. Janamejaya! Dushyant became the king because he was the eldest among them.॥ 18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×