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mahabharat 1.94.12: ऋचेयु, जिसका दूसरा नाम अनादृष्टि है, अपने सभी भाइयों में उसी प्रकार विद्वान और पराक्रमी था, जैसे देवताओं में इन्द्र थे। वह जगत् का सम्राट था॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.94: पूरुवंशका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 94: पूरुवंशका वर्णन  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.94.12 
अनाधृष्टिरभूत् तेषां विद्वान् भुवि तथैकराट्।
ऋचेयुरथ विक्रान्तो देवानामिव वासव:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
ऋचेयु, जिसका दूसरा नाम अनादृष्टि है, अपने सभी भाइयों में उसी प्रकार विद्वान और पराक्रमी था, जैसे देवताओं में इन्द्र थे। वह जगत् का सम्राट था॥12॥
 
Richeyu, whose other name is Anadrishti, was as learned and powerful among all his brothers as Indra was among the gods. He was the emperor of the world.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)