Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.d7: वसुमना बोलीं- "माता! आप श्रेष्ठ कुल की देवी हैं। आपने इस महापुरुष को प्रणाम किया है। ये कौन हैं? ये देवता हैं या राजा? यदि आप जानती हैं, तो मुझे बताएँ।" | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसुमना उवाच
भवत्या यत् कृतमिदं वन्दनं वरवर्णिनि।
कोऽयं देवोऽथवा राजा यदि जानासि मे वद॥
अनुवाद
वसुमना बोलीं- "माता! आप श्रेष्ठ कुल की देवी हैं। आपने इस महापुरुष को प्रणाम किया है। ये कौन हैं? ये देवता हैं या राजा? यदि आप जानती हैं, तो मुझे बताएँ।"
Vasumana said— Mother! You are a goddess of the best caste. You have bowed to this great man. Who is he? Is he a god or a king? If you know, then tell me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥