श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना  »  श्लोक d20-d21h
 
 
श्लोक  1.93.d20-d21h 
(अष्टकश्च शिबिश्चैव काशिराज: प्रतर्दन:।
ऐक्ष्वाकवो वसुमनाश्चत्वारो भूमिपाश्च ह॥
सर्वे ह्यवभृथस्नाता: स्वर्गता: साधव: सह।)
 
 
अनुवाद
अष्टक, शिबि, काशीराज प्रतर्दन तथा इक्ष्वाकुवंशीय वसुमान- ये चारों ऋषि, राजा यज्ञान्त, स्नान करके एक साथ स्वर्ग गये।
 
Ashtaka, Shibi, Kashiraj Pratardana and Ikshvaku dynasty Vasumana – these four sages, King Yagyanta, after taking bath, went to heaven together.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)