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mahabharat 1.93.d17: तिल भूत-प्रेतों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं, कुश राक्षसों से रक्षा करते हैं, श्रोत्रिय ब्राह्मण वंश की रक्षा करते हैं और यदि तपस्वी श्राद्ध के दौरान भोजन करते हैं, तो वह अमर हो जाता है।   |   mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना  »  श्लोक d17
 
 
श्लोक  1.93.d17 
तिला: पिशाचाद् रक्षन्ति दर्भा रक्षन्ति राक्षसात्।
रक्षन्ति श्रोत्रिया: पङ्‍‍क्ति यतिभिर्भुक्तमक्षयम्॥
 
 
अनुवाद
तिल भूत-प्रेतों से श्राद्ध की रक्षा करते हैं, कुश राक्षसों से रक्षा करते हैं, श्रोत्रिय ब्राह्मण वंश की रक्षा करते हैं और यदि तपस्वी श्राद्ध के दौरान भोजन करते हैं, तो वह अमर हो जाता है।
 
Sesame seeds protect the Shraddha from ghosts, Kush protects it from demons, Shrotri protects the Brahmin line and if ascetics eat food during the Shraddha, it becomes immortal.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)