Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.d16: दिन का आठवाँ भाग जब सूर्य की ऊष्मा कम होने लगती है, उसे कुतप कहते हैं। उस समय पितरों को दिया गया दान अक्षय होता है। | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
दिवसस्याष्टमे भागे मन्दीभवति भास्करे।
स काल: कुतपो नाम पितॄणां दत्तमक्षयम्॥
अनुवाद
दिन का आठवाँ भाग जब सूर्य की ऊष्मा कम होने लगती है, उसे कुतप कहते हैं। उस समय पितरों को दिया गया दान अक्षय होता है।
The eighth part of the day when the heat of the sun starts decreasing is called Kutap. The donation given to ancestors during that time is everlasting.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥