Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.9: ययाति बोले, 'हे मनुष्यों के स्वामी शिबि! जिस प्रकार आप इन्द्र के समान शक्तिशाली हैं, उसी प्रकार आपके लोक भी अनन्त हैं। तथापि मैं दूसरों के दिए हुए लोकों में नहीं रह सकता, इसलिए आपके दिए हुए लोक को मैं स्वीकार नहीं करता।॥9॥ | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययाति बोले, 'हे मनुष्यों के स्वामी शिबि! जिस प्रकार आप इन्द्र के समान शक्तिशाली हैं, उसी प्रकार आपके लोक भी अनन्त हैं। तथापि मैं दूसरों के दिए हुए लोकों में नहीं रह सकता, इसलिए आपके दिए हुए लोक को मैं स्वीकार नहीं करता।॥9॥
Yayati said, 'O lord of men, Shibi! Just as you are as powerful as Indra, similarly your worlds are also infinite. However, I cannot live in the worlds given by others, that is why I do not welcome the one given by you.॥ 9॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥