Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.6: शिबि बोले - पिताश्री! मैं उशीनर का पुत्र शिबि आपसे पूछ रहा हूँ। यदि मेरे भी अंतरिक्ष या स्वर्ग में पुण्य लोक हैं, तो कृपया मुझे बताइये; क्योंकि मैं आपको उपर्युक्त धर्म का ज्ञाता मानता हूँ। | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिबिरुवाच
पृच्छामि त्वां शिबिरौशीनरोऽहं
ममापि लोका यदि सन्तीह तात।
यद्यन्तरिक्षे यदि वा दिवि श्रिता:
क्षेत्रज्ञं त्वां तस्य धर्मस्य मन्ये॥ ६॥
अनुवाद
शिबि बोले - पिताश्री! मैं उशीनर का पुत्र शिबि आपसे पूछ रहा हूँ। यदि मेरे भी अंतरिक्ष या स्वर्ग में पुण्य लोक हैं, तो कृपया मुझे बताइये; क्योंकि मैं आपको उपर्युक्त धर्म का ज्ञाता मानता हूँ।
Shibi said - Father! I, Shibi, son of Ushinar, am asking you. If I too have virtuous worlds in the space or heaven, then please tell me; because I consider you to be the knower of the above mentioned religion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥