Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.5: वसुमान बोले - हे राजन! यदि आप खरीदना नहीं चाहते, तो मेरे द्वारा दिए गए पुण्य लोकों को स्वीकार कर लीजिए। हे प्रभु! निश्चिंत रहिए, मैं उन लोकों में नहीं जाऊँगा। वे सब आपके अधिकार में ही रहें। | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसुमानुवाच
तांस्त्वं लोकान् प्रतिपद्यस्व राजन्
मया दत्तान् यदि नेष्ट: क्रयस्ते।
अहं न तान् वै प्रतिगन्ता नरेन्द्र
सर्वे लोकास्तव ते वै भवन्तु॥ ५॥
अनुवाद
वसुमान बोले - हे राजन! यदि आप खरीदना नहीं चाहते, तो मेरे द्वारा दिए गए पुण्य लोकों को स्वीकार कर लीजिए। हे प्रभु! निश्चिंत रहिए, मैं उन लोकों में नहीं जाऊँगा। वे सब आपके अधिकार में ही रहें।
Vasuman said - O King! If you do not want to buy, then accept the virtuous worlds offered by me. O Lord! Be assured that I will not go to those worlds. Let them all remain in your possession.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥