Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.23: मैंने इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया था। मैं ब्राह्मणों को अन्न और वस्त्र देता था। जब मनुष्य सौ सुन्दर और पवित्र घोड़े दान करते हैं, तो वे पवित्र देवता बन जाते हैं॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैंने इस सम्पूर्ण पृथ्वी को जीत लिया था। मैं ब्राह्मणों को अन्न और वस्त्र देता था। जब मनुष्य सौ सुन्दर और पवित्र घोड़े दान करते हैं, तो वे पवित्र देवता बन जाते हैं॥ 23॥
I had conquered this entire earth. I used to give food and clothes to the Brahmins. When men donate a hundred beautiful and sacred horses, they become pious gods.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥