Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.21: महाराज! मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूँ। कृपया मुझे सच-सच बताइए। आप कहाँ से आए हैं, कौन हैं और किसके पुत्र हैं? आपने जो कुछ भी किया है, आपके अलावा इस संसार में किसी अन्य क्षत्रिय या ब्राह्मण ने ऐसा नहीं किया है। | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! मैं आपसे एक बात पूछना चाहता हूँ। कृपया मुझे सच-सच बताइए। आप कहाँ से आए हैं, कौन हैं और किसके पुत्र हैं? आपने जो कुछ भी किया है, आपके अलावा इस संसार में किसी अन्य क्षत्रिय या ब्राह्मण ने ऐसा नहीं किया है।
Maharaj! I want to ask you one thing. Please tell me the truth. Where have you come from, who are you and whose son are you? Whatever you have done, there is no other Kshatriya or Brahmin in this world who has done it except you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥