Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.93.15: ययाति बोले - हम सबने मिलकर स्वर्ग को जीत लिया है, अतः अब सबको वहाँ जाना चाहिए। हम देवलोक के इस रजो-रहित सात्त्विक मार्ग को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 1.93: राजा ययातिका वसुमान् और शिबिके प्रतिग्रहको अस्वीकार करना तथा अष्टक आदि चारों राजाओंके साथ स्वर्गमें जाना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययाति बोले - हम सबने मिलकर स्वर्ग को जीत लिया है, अतः अब सबको वहाँ जाना चाहिए। हम देवलोक के इस रजो-रहित सात्त्विक मार्ग को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं॥ 15॥
Yayati said - We all have conquered heaven together, so now everyone should go there. We can clearly see this rajo-less sattvik path of Devalok.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥