Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.92.8: नरेन्द्र! जब मैं पृथ्वी पर गिरने वाला था, तब मैंने इन्द्र से वरदान माँगा था कि मैं साधु पुरुषों के समीप गिरूँ। वह वरदान मुझे प्राप्त हो गया, जिसके कारण मुझे आप सभी पुण्यात्मा साधुओं का संग प्राप्त हुआ। | mahabharat अध्याय 1.92: अष्टक-ययाति-संवाद और ययातिद्वारा दूसरोंके दिये हुए पुण्यदानको अस्वीकार करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेन्द्र! जब मैं पृथ्वी पर गिरने वाला था, तब मैंने इन्द्र से वरदान माँगा था कि मैं साधु पुरुषों के समीप गिरूँ। वह वरदान मुझे प्राप्त हो गया, जिसके कारण मुझे आप सभी पुण्यात्मा साधुओं का संग प्राप्त हुआ।
Narendra! When I was about to fall on the earth, I had asked Indra for a boon that I should fall near saintly persons. I got that boon, due to which I got the company of all you virtuous saints.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥