Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.92.6: अष्टक ने पूछा - हे राजन! आपको यहाँ किसने बुलाया है? आपको किसने भेजा है? आप युवा, पुष्पों की माला से सुशोभित, आकर्षक और महान कांति से युक्त प्रतीत होते हैं। आप कहाँ से आए हैं? आपको किस दिशा में भेजा गया है? अथवा इस पृथ्वी पर आपके लिए कोई श्रेष्ठ स्थान है?॥6॥ | mahabharat अध्याय 1.92: अष्टक-ययाति-संवाद और ययातिद्वारा दूसरोंके दिये हुए पुण्यदानको अस्वीकार करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अष्टक ने पूछा - हे राजन! आपको यहाँ किसने बुलाया है? आपको किसने भेजा है? आप युवा, पुष्पों की माला से सुशोभित, आकर्षक और महान कांति से युक्त प्रतीत होते हैं। आप कहाँ से आए हैं? आपको किस दिशा में भेजा गया है? अथवा इस पृथ्वी पर आपके लिए कोई श्रेष्ठ स्थान है?॥6॥
Ashtak asked - O King! Who called you here? Who sent you? You appear to be young, adorned with a garland of flowers, attractive and radiant with a great radiance. Where have you come from? In which direction have you been sent? Or is there a better place on this earth for you?॥ 6॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥