Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.91.16: तपस्या से मांस, अस्थि और रक्त क्षीण हो जाने के कारण जिसका शरीर क्षीण और दुर्बल हो गया है, वह मुनि इस लोक को जीतकर परलोक को भी जीत लेता है ॥16॥ | mahabharat अध्याय 1.91: ययाति और अष्टकका आश्रमधर्मसम्बन्धी संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तपसा कर्शित: क्षाम: क्षीणमांसास्थिशोणित:।
स च लोकमिमं जित्वा लोकं विजयते परम्॥ १६॥
अनुवाद
तपस्या से मांस, अस्थि और रक्त क्षीण हो जाने के कारण जिसका शरीर क्षीण और दुर्बल हो गया है, वह मुनि इस लोक को जीतकर परलोक को भी जीत लेता है ॥16॥
The sage whose body has become emaciated and weak due to the depletion of flesh, bones and blood by austerities, after conquering this world, also conquers the next world. ॥16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥