श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 90: अष्टक और ययातिका संवाद  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  1.90.9 
अष्टक उवाच
यदेनसस्ते पततस्तुदन्ति
भीमा भौमा राक्षसास्तीक्ष्णदंष्ट्रा:।
कथं भवन्ति कथमाभवन्ति
कथंभूता गर्भभूता भवन्ति॥ ९॥
 
 
अनुवाद
अष्टक ने पूछा - वे पृथ्वी के तीखे दांतों वाले भयंकर राक्षस, जो पाप के कारण आकाश से गिरकर प्राणियों को कष्ट देते हैं, गिरने के बाद कैसे जीवित रहते हैं? वे इन्द्रियाँ आदि से कैसे सुसज्जित होते हैं? और वे गर्भ में कैसे आते हैं?॥9॥
 
Ashtak asked - How do those fierce demons of the earth with sharp teeth, who fall from the sky due to sin and torment the living beings, remain alive after falling? How are they equipped with senses etc.? And how do they come into the womb?॥9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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