Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.90.7: ययाति बोले - गर्भ से निकलकर और कर्मानुसार जन्म लेने और बढ़ने वाले शरीर को प्राप्त करके, जीव इस पृथ्वी पर (भौतिक पदार्थों में) सबके सामने विचरण करते हैं। उनके इस विचरण को भौम नरक कहते हैं। वे इसमें गिरते हैं। इसमें गिरकर, वे व्यर्थ ही बीत जाने वाले अनेक वर्षों के समूहों को नहीं देखते। 7. | mahabharat अध्याय 1.90: अष्टक और ययातिका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययाति बोले - गर्भ से निकलकर और कर्मानुसार जन्म लेने और बढ़ने वाले शरीर को प्राप्त करके, जीव इस पृथ्वी पर (भौतिक पदार्थों में) सबके सामने विचरण करते हैं। उनके इस विचरण को भौम नरक कहते हैं। वे इसमें गिरते हैं। इसमें गिरकर, वे व्यर्थ ही बीत जाने वाले अनेक वर्षों के समूहों को नहीं देखते। 7.
Yayati said - After coming out of the womb and getting a body which is born and grows due to karma, the living beings roam on this earth (in material things) in front of everyone. This wandering of theirs is called Bhauma hell. They fall into it. After falling into it, they do not look at the many groups of years which pass in vain. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥