Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.90.21: अष्टक ने पूछा - पिताजी ! मनुष्य किन कर्मों से उत्तम लोकों को प्राप्त करता है ? क्या वे लोक तप से प्राप्त होते हैं या ज्ञान से ? मैं यही पूछ रहा हूँ । मुझे विस्तारपूर्वक बताइए कि किन कर्मों से क्रमशः उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है ॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 1.90: अष्टक और ययातिका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अष्टक ने पूछा - पिताजी ! मनुष्य किन कर्मों से उत्तम लोकों को प्राप्त करता है ? क्या वे लोक तप से प्राप्त होते हैं या ज्ञान से ? मैं यही पूछ रहा हूँ । मुझे विस्तारपूर्वक बताइए कि किन कर्मों से क्रमशः उत्तम लोकों की प्राप्ति होती है ॥ 21॥
Ashtak asked - Father! By what deeds does a man attain the best world? Are those worlds attained by penance or by knowledge? This is what I am asking. Tell me in detail the deeds by which one can attain the best worlds one after the other. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥