Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.90.17: अष्टक ने पूछा - जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो या तो उसका दाह संस्कार कर दिया जाता है, या उसे दफना दिया जाता है, या जल में फेंक दिया जाता है। इस प्रकार मृत्यु के बाद भौतिक शरीर नष्ट हो जाता है। फिर चेतन आत्मा किस शरीर के आधार पर चेतना सहित रहती और व्यवहार करती है?॥17॥ | mahabharat अध्याय 1.90: अष्टक और ययातिका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अष्टक उवाच
य: संस्थित: पुरुषो दह्यते वा
निखन्यते वापि निकृष्यते वा।
अभावभूत: स विनाशमेत्य
केनात्मना चेतयते परस्तात्॥ १७॥
अनुवाद
अष्टक ने पूछा - जब कोई व्यक्ति मर जाता है, तो या तो उसका दाह संस्कार कर दिया जाता है, या उसे दफना दिया जाता है, या जल में फेंक दिया जाता है। इस प्रकार मृत्यु के बाद भौतिक शरीर नष्ट हो जाता है। फिर चेतन आत्मा किस शरीर के आधार पर चेतना सहित रहती और व्यवहार करती है?॥17॥
Ashtak asked - When a person dies, he is either cremated or buried or is thrown into water. In this way, after death, the physical body is lost. Then on the basis of which body does the conscious soul live and behave with consciousness?॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥