Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.90.14: ययाति बोले - रजोधर्म के समय वायु पुष्पों के रस से मिश्रित वीर्य को गर्भाशय में खींच लेती है। वहाँ गर्भाशय में स्थित सूक्ष्म तत्त्व उसे ग्रहण कर लेते हैं और धीरे-धीरे गर्भ की वृद्धि करते रहते हैं॥ 14॥ | mahabharat अध्याय 1.90: अष्टक और ययातिका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययाति बोले - रजोधर्म के समय वायु पुष्पों के रस से मिश्रित वीर्य को गर्भाशय में खींच लेती है। वहाँ गर्भाशय में स्थित सूक्ष्म तत्त्व उसे ग्रहण कर लेते हैं और धीरे-धीरे गर्भ की वृद्धि करते रहते हैं॥ 14॥
Yayati said - During the menstrual period, the air draws the semen mixed with the nectar of flowers into the uterus. There, the subtle elements in the uterus take over it and it gradually keeps on increasing the foetus.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥