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mahabharat 1.90.12: अष्टक ने पूछा - राजन्! इस मनुष्य योनि में जन्म लेने वाला जीवात्मा इसी शरीर के गर्भ में जन्म लेता है अथवा दूसरा शरीर धारण करता है। कृपया मुझे यह रहस्य बताइए। मुझे संदेह है, इसलिए पूछ रहा हूँ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 1.90: अष्टक और ययातिका संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 90: अष्टक और ययातिका संवाद  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.90.12 
अष्टक उवाच
अन्यद् वपुर्विदधातीह गर्भ-
मुताहोस्वित् स्वेन कायेन याति।
आपद्यमानो नरयोनिमेता-
माचक्ष्व मे संशयात् प्रब्रवीमि॥ १२॥
 
 
अनुवाद
अष्टक ने पूछा - राजन्! इस मनुष्य योनि में जन्म लेने वाला जीवात्मा इसी शरीर के गर्भ में जन्म लेता है अथवा दूसरा शरीर धारण करता है। कृपया मुझे यह रहस्य बताइए। मुझे संदेह है, इसलिए पूछ रहा हूँ॥12॥
 
Ashtak asked - King! The soul born in this human form is born in the womb of this body or takes another body. Please tell me this secret. I am asking because I have doubts.॥ 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)