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mahabharat 1.9.6: जब रुरु अपनी पत्नी के लिए इस प्रकार शोकित होकर रो रहा था, तब एक देवदूत उसके पास आया और वन में रुरु से बोला।   |   mahabharat अध्याय 1.9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  1.9.6 
एवं लालप्यतस्तस्य भार्यार्थे दु:खितस्य च।
देवदूतस्तदाभ्येत्य वाक्यमाह रुरुं वने॥ ६॥
 
 
अनुवाद
जब रुरु अपनी पत्नी के लिए इस प्रकार शोकित होकर रो रहा था, तब एक देवदूत उसके पास आया और वन में रुरु से बोला।
 
When Ruru was thus grieving for his wife and was weeping profusely, an angel came to him and spoke to Ruru in the forest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)