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mahabharat 1.9.4: यदि मैंने दान दिया हो, तप किया हो या अपने बड़ों का भली-भाँति पूजन किया हो, तो उसके पुण्य से मेरा प्रिय पुनः जीवित हो जाएगा ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 1.9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  1.9.4 
यदि दत्तं तपस्तप्तं गुरवो वा मया यदि।
सम्यगाराधितास्तेन संजीवतु मम प्रिया॥ ४॥
 
 
अनुवाद
यदि मैंने दान दिया हो, तप किया हो या अपने बड़ों का भली-भाँति पूजन किया हो, तो उसके पुण्य से मेरा प्रिय पुनः जीवित हो जाएगा ॥4॥
 
If I have given charity, performed penance or worshipped my elders well, then due to the merits of that, my beloved will come back to life. ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)