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mahabharat 1.9.23: "तपोधन! क्या आज मैंने तुम्हारा कोई अपराध किया है? फिर तुम क्रोध में आकर मुझे क्यों मार रहे हो?"   |   mahabharat अध्याय 1.9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  1.9.23 
नापराध्यामि ते किञ्चिदहमद्य तपोधन।
संरम्भाच्च किमर्थं मामभिहंसि रुषान्वित:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
"तपोधन! क्या आज मैंने तुम्हारा कोई अपराध किया है? फिर तुम क्रोध में आकर मुझे क्यों मार रहे हो?"
 
"Tapodhana! Have I done any crime against you today? Then why are you killing me in a fit of anger?"
 
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि पौलोमपर्वणि प्रमद्वराजीवने नवमोऽध्याय:॥ ९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत आदिपर्वके अन्तर्गत पौलोमपर्वमें प्रमद्वराके जीवित होनेसे सम्बन्ध रखनेवाला नवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९॥

(दाक्षिणात्य अधिक पाठका १ श्लोक मिलाकर कुल २४ श्लोक हैं)
 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)