Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 1.9.16: उग्रश्रवाजी कहते हैं - धर्मराज के ऐसा कहते ही प्रम्राद द्वारा रुरु के आधे प्राणों से संयुक्त हुई वह सुन्दर ऋषि कन्या सोई हुई सी जाग उठी।   |   mahabharat अध्याय 1.9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  1.9.16 
सौतिरुवाच
एवमुक्ते तत: कन्या सोदतिष्ठत् प्रमद्वरा।
रुरोस्तस्यायुषोऽर्धेन सुप्तेव वरवर्णिनी॥ १६॥
 
 
अनुवाद
उग्रश्रवाजी कहते हैं - धर्मराज के ऐसा कहते ही प्रम्राद द्वारा रुरु के आधे प्राणों से संयुक्त हुई वह सुन्दर ऋषि कन्या सोई हुई सी जाग उठी।
 
Ugrasravaji says - As soon as Dharamraj said this, the beautiful sage's daughter, united with half of Ruru's life by Pramrad, woke up as if she was asleep. 16.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)