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श्री महाभारत
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पर्व 1: आदि पर्व
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अध्याय 9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद
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श्लोक 13
श्लोक
1.9.13
सौतिरुवाच
ततो गन्धर्वराजश्च देवदूतश्च सत्तमौ।
धर्मराजमुपेत्येदं वचनं प्रत्यभाषताम्॥ १३॥
अनुवाद
उग्रश्रवाजी कहते हैं - तब गन्धर्वराज विश्वावसु तथा देवदूत दोनों सत्पुरुष धर्मराज के पास गये और बोले - 13॥
Ugrashravaji says - Then Gandharva king Vishwavasu and the angels, both the good men, went to Dharamraj and said - 13॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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