Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.9.12: रुरु ने कहा- हे देवश्रेष्ठ! मैं अपनी आधी आयु उस कन्या को देता हूँ। मेरी प्रियतमा अपने श्रृंगार, सुन्दर रूप और आभूषणों सहित पुनः जीवित हो जाए॥ 12॥ | mahabharat अध्याय 1.9: रुरुकी आधी आयुसे प्रमद्वराका जीवित होना, रुरुके साथ उसका विवाह, रुरुका सर्पोंको मारनेका निश्चय तथा रुरु-डुण्डुभ-संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रुरुरुवाच
आयुषोऽर्धं प्रयच्छामि कन्यायै खेचरोत्तम।
शृङ्गाररूपाभरणा समुत्तिष्ठतु मे प्रिया॥ १२॥
अनुवाद
रुरु ने कहा- हे देवश्रेष्ठ! मैं अपनी आधी आयु उस कन्या को देता हूँ। मेरी प्रियतमा अपने श्रृंगार, सुन्दर रूप और आभूषणों सहित पुनः जीवित हो जाए॥ 12॥
Ruru said— O best of the gods! I give half my life to that girl. May my beloved come back to life with her adornments, beautiful looks and ornaments.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥