Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.89.17: तत्पश्चात् वे प्रजापति के दिव्य लोक में पहुँचे, जो जगत के रक्षकों के लिए भी दुर्लभ था, जहाँ वृद्धावस्था का प्रवेश नहीं है। वहाँ वे एक हजार वर्ष तक रहे और फिर उससे भी उत्तम लोक में चले गए॥17॥ | mahabharat अध्याय 1.89: ययाति और अष्टकका संवाद । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् वे प्रजापति के दिव्य लोक में पहुँचे, जो जगत के रक्षकों के लिए भी दुर्लभ था, जहाँ वृद्धावस्था का प्रवेश नहीं है। वहाँ वे एक हजार वर्ष तक रहे और फिर उससे भी उत्तम लोक में चले गए॥17॥
Thereafter he reached the divine world of Prajapati, which was rare even for the protectors of the world, where old age has no entry. He stayed there for a thousand years and then went to an even better world.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥