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स राजा सिंहविक्रान्तो युवा विषयगोचर:।
अविरोधेन धर्मस्य चचार सुखमुत्तमम्॥ ६॥
अनुवाद
वह सिंह के समान पराक्रमी और तरुण था। सारी प्रजा उसके अधीन थी और वह धर्म के विरुद्ध न जाकर उत्तम सुख भोगता था।
He was as valiant as a lion and was a young man. All the subjects were under his control and he enjoyed the best pleasures without going against Dharma. 6.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥