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mahabharat 1.85.21: 'यदु आपके ज्येष्ठ पुत्र हैं। उनके पश्चात् तुर्वसु हुए। तत्पश्चात् शर्मिष्ठा के पुत्र क्रमशः द्रुह्यु, अनु और पुरु हुए।॥ 21॥   |   mahabharat अध्याय 1.85: राजा ययातिका विषय-सेवन और वैराग्य तथा पूरुका राज्याभिषेक करके वनमें जाना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 85: राजा ययातिका विषय-सेवन और वैराग्य तथा पूरुका राज्याभिषेक करके वनमें जाना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  1.85.21 
यदुर्ज्येष्ठस्तव सुतो जातस्तमनु तुर्वसु:।
शर्मिष्ठाया: सुतो द्रुह्युस्ततोऽनु: पूरुरेव च॥ २१॥
 
 
अनुवाद
'यदु आपके ज्येष्ठ पुत्र हैं। उनके पश्चात् तुर्वसु हुए। तत्पश्चात् शर्मिष्ठा के पुत्र क्रमशः द्रुह्यु, अनु और पुरु हुए।॥ 21॥
 
‘Yadu is your eldest son. After him, Turvasu was born. Thereafter, the sons of Sharmishtha are Druhyu, Anu and Puru respectively.॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)