vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 1: आदि पर्व
»
अध्याय 83: देवयानी और शर्मिष्ठाका संवाद, ययातिसे शर्मिष्ठाके पुत्र होनेकी बात जानकर देवयानीका रूठकर पिताके पास जाना, शुक्राचार्यका ययातिको बूढ़े होनेका शाप देना
»
श्लोक 9
श्लोक
1.83.9
ययातिर्देवयान्यां तु पुत्रावजनयन्नृप:।
यदुं च तुर्वसुं चैव शक्रविष्णू इवापरौ॥ ९॥
अनुवाद
राजा ययातिन ने देवयानी के गर्भ से दो पुत्रों को जन्म दिया, जिनके नाम यदु और तुर्वसु थे। वे दोनों ही इन्द्र और विष्णु के समान ही प्रतीत होते थे।
King Yayatina gave birth to two sons from Devayani's womb, whose names were Yadu and Turvasu. Both of them looked like other Indra and Vishnu. 9॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas