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श्लोक 1.83.14  |
देवयान्युवाच
किं नामधेयं वंशो व: पुत्रका: कश्च व: पिता।
प्रब्रूत मे यथातथ्यं श्रोतुमिच्छामि तं ह्यहम्॥ १४॥ |
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| अनुवाद |
| देवयानी ने पूछा - बच्चो! तुम्हारे कुल का नाम क्या है? तुम्हारे पिता कौन हैं? मुझे ठीक-ठीक बताओ। मैं तुम्हारे पिता का नाम सुनना चाहती हूँ॥ 14॥ |
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| Devyani asked - Children! What is the name of your clan? Who is your father? Tell me this precisely. I want to hear your father's name.॥ 14॥ |
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