Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.81.11: ययाति बोले- हे सुंदरी! दैत्यराज शर्मिष्ठा की यह सुन्दर भौंहों वाली पुत्री आपकी सखी और दासी कैसे बनी? कृपया मुझे बताइए। मैं यह सुनने के लिए बहुत उत्सुक हूँ। | mahabharat अध्याय 1.81: सखियोंसहित देवयानी और शर्मिष्ठाका वन-विहार, राजा ययातिका आगमन, देवयानीकी उनके साथ बातचीत तथा विवाह । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययातिरुवाच
कथं तु ते सखी दासी कन्येयं वरवर्णिनी।
असुरेन्द्रसुता सुभ्रू: परं कौतूहलं हि मे॥ ११॥
अनुवाद
ययाति बोले- हे सुंदरी! दैत्यराज शर्मिष्ठा की यह सुन्दर भौंहों वाली पुत्री आपकी सखी और दासी कैसे बनी? कृपया मुझे बताइए। मैं यह सुनने के लिए बहुत उत्सुक हूँ।
Yayati said— Beautiful lady! How did this beautiful daughter of the demon king, Sharmishtha with beautiful eyebrows, become your friend and maid? Please tell me. I am very eager to hear this.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥