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mahabharat 1.80.d3: ग्रहेश्वर! यदि आप मुझे छोड़कर देवताओं की ओर चले जाएँ, तो मैं भी सब कुछ त्यागकर जलती हुई अग्नि में कूद जाऊँगा।   |   mahabharat अध्याय 1.80: शुक्राचार्यका वृषपर्वाको फटकारना तथा उसे छोड़कर जानेके लिये उद्यत होना और वृषपर्वाके आदेशसे शर्मिष्ठाका देवयानीकी दासी बनकर शुक्राचार्य तथा देवयानीको संतुष्ट करना   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 80: शुक्राचार्यका वृषपर्वाको फटकारना तथा उसे छोड़कर जानेके लिये उद्यत होना और वृषपर्वाके आदेशसे शर्मिष्ठाका देवयानीकी दासी बनकर शुक्राचार्य तथा देवयानीको संतुष्ट करना  »  श्लोक d3
 
 
श्लोक  1.80.d3 
(यद्येव देवान् गच्छेस्त्वं मां च त्यक्त्वा ग्रहाधिप।
सर्वत्यागं तत: कृत्वा प्रविशामि हुताशनम्॥ )
 
 
अनुवाद
ग्रहेश्वर! यदि आप मुझे छोड़कर देवताओं की ओर चले जाएँ, तो मैं भी सब कुछ त्यागकर जलती हुई अग्नि में कूद जाऊँगा।
 
Graheshwar! If you leave me and go to the side of the gods, then I too will give up everything and jump into the burning fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)