Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.80.11: वृषपर्वा बोले - भृगु नन्दन! इस पृथ्वी पर असुरेश्वरों के पास जो भी धन-संपत्ति और हाथी, घोड़े, गौ आदि पशु हैं, आप उनके और मेरे भी स्वामी हैं॥11॥ | mahabharat अध्याय 1.80: शुक्राचार्यका वृषपर्वाको फटकारना तथा उसे छोड़कर जानेके लिये उद्यत होना और वृषपर्वाके आदेशसे शर्मिष्ठाका देवयानीकी दासी बनकर शुक्राचार्य तथा देवयानीको संतुष्ट करना । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वृषपर्वा बोले - भृगु नन्दन! इस पृथ्वी पर असुरेश्वरों के पास जो भी धन-संपत्ति और हाथी, घोड़े, गौ आदि पशु हैं, आप उनके और मेरे भी स्वामी हैं॥11॥
Vrishparva said - Bhrigu Nandan! Whatever wealth and livestock such as elephants, horses, cows etc. the Asureshwaras have on this earth, you are their master as well as mine. ॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥