Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.8.5: प्राचीन काल में स्थूलकेश नाम से प्रसिद्ध एक महर्षि थे, जो तप और ज्ञान से संपन्न थे; जो समस्त प्राणियों के कल्याण में तत्पर रहते थे॥5॥ | mahabharat अध्याय 1.8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्राचीन काल में स्थूलकेश नाम से प्रसिद्ध एक महर्षि थे, जो तप और ज्ञान से संपन्न थे; जो समस्त प्राणियों के कल्याण में तत्पर रहते थे॥5॥
In ancient times, there was a Maharishi known as Sthulkesh who was blessed with penance and knowledge; Who was engaged in the welfare of all living beings. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥