श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  1.8.17 
तत: कतिपयाहस्य विवाहे समुपस्थिते।
सखीभि: क्रीडती सार्धं सा कन्या वरवर्णिनी॥ १७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात जब विवाह का शुभ समय निकट आया तो वह सुन्दर कन्या अपनी सखियों के साथ वन में क्रीड़ा करने लगी।
 
Thereafter, when the auspicious time for the marriage drew near, the beautiful girl started roaming about in the forest, playing with her friends.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)