श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 8: प्रमद्वराका जन्म, रुरुके साथ उसका वाग्दान तथा विवाहके पहले ही साँपके काटनेसे प्रमद्वराकी मृत्यु  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  1.8.12 
जातकाद्या: क्रियाश्चास्या विधिपूर्वं यथाक्रमम्।
स्थूलकेशो महाभागश्चकार सुमहानृषि:॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महर्षि स्थूलकेशन ने धीरे-धीरे उस कन्या के जन्म आदि सभी संस्कार विधिपूर्वक सम्पन्न किए ॥12॥
 
The great sage Sthulkeshan gradually performed all the rituals of birth and other rites of that girl in a proper manner. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)