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mahabharat 1.78.d8: देवयानी बोली- "नरेश्वर! यदि आप आज मेरे अनुरोध पर मुझे अपने साथ नहीं ले जाना चाहते, तो मैं अपने पिता के द्वारा आपका वरण करूँगी। तब आप मुझे अपने योग्य समझकर अपने साथ ले जाएँगे।"   |   mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप  »  श्लोक d8
 
 
श्लोक  1.78.d8 
देवयान्युवाच
यदि मद्वचनादद्य मां नेच्छसि नराधिप।
त्वामेव वरये पित्रा पश्चाज्ज्ञास्यसि गच्छसि॥ )
 
 
अनुवाद
देवयानी बोली- "नरेश्वर! यदि आप आज मेरे अनुरोध पर मुझे अपने साथ नहीं ले जाना चाहते, तो मैं अपने पिता के द्वारा आपका वरण करूँगी। तब आप मुझे अपने योग्य समझकर अपने साथ ले जाएँगे।"
 
Devyani said— Nareshwar! If you do not want to take me with you today on my request, then I will choose you through my father. Then you will consider me worthy of you and take me with you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)