Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.78.d3: ययाति बोले- हे महामना! मैं राजा नहुष का पुत्र ययाति हूँ। मैं एक जंगली जानवर को मारने के इरादे से यहाँ आया था। थका-हारा, प्यास बुझाने के लिए यहाँ आया था और मेरी नज़र इस कुएँ में भूसे से ढके हुए लेटे हुए आप पर पड़ी। | mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ययाति बोले- हे महामना! मैं राजा नहुष का पुत्र ययाति हूँ। मैं एक जंगली जानवर को मारने के इरादे से यहाँ आया था। थका-हारा, प्यास बुझाने के लिए यहाँ आया था और मेरी नज़र इस कुएँ में भूसे से ढके हुए लेटे हुए आप पर पड़ी।
Yayati said- O noble one! I am Yayati, the son of King Nahush. I came here with the intention of killing a wild animal. Tired and exhausted, I came here to quench my thirst and my eyes fell on you lying in this well covered with straw.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥