Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 1.78.d13: मेरे इतना कहने पर भी शर्मिष्ठा ने क्रोध में भरकर उस निर्जन वन में मुझे पकड़ लिया और कुएं में फेंक दिया, तत्पश्चात वह अपने घर चली गई। | mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप । mahabharat पर्व 1: आदि पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मेरे इतना कहने पर भी शर्मिष्ठा ने क्रोध में भरकर उस निर्जन वन में मुझे पकड़ लिया और कुएं में फेंक दिया, तत्पश्चात वह अपने घर चली गई।
Even after I said this, Sharmishtha, filled with anger, caught hold of me in that deserted forest and threw me into the well, after which she went to her house.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥