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mahabharat 1.78.d1: भिक्खी! अब से अगर तूने मेरे विरुद्ध कुछ कहा, तो मैं अपनी दासियों से तुझे यहाँ से घसीटवा दूँगी।   |   mahabharat अध्याय 1.78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप   ।   mahabharat पर्व 1: आदि पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 1: आदि पर्व  »  अध्याय 78: देवयानी और शर्मिष्ठाका कलह, शर्मिष्ठाद्वारा कुएँमें गिरायी गयी देवयानीको ययातिका निकालना और देवयानीका शुक्राचार्यजीके साथ वार्तालाप  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  1.78.d1 
(प्रतिकूलं वदसि चेदित: प्रभृति याचकि।
आकृष्य मम दासीभि: प्रस्थाप्यसि बहिर्बहि:॥ )
 
 
अनुवाद
भिक्खी! अब से अगर तूने मेरे विरुद्ध कुछ कहा, तो मैं अपनी दासियों से तुझे यहाँ से घसीटवा दूँगी।
 
Bhikkhi! From now on if you say anything against me, I will have my maids drag you out of here.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)